खिलाड़ियों के सांवेगिक परिपक्वता एवं मानसिक स्वास्थ्य पर योग एवं यौगिक क्रियाओं के प्रभाव का अध्ययन
DOI:
https://doi.org/10.1366/8gyeah42Abstract
वर्तमान समय में सम्पूर्ण विश्व में निराशा, आक्रोश, अशांति और असंतोष का प्रभाव व्याप्त है। सम्पूर्ण मानव जाति इन सबसे इस तरह घिर चुकी है। परिणामस्वरूप मानव विश्व के कल्याण के विषय मंे भी नहीं सोच पा रहा है। इस तनावपूर्ण परिस्थिति से बाहर लाने के कल्याण के विषय में भी नहीं सोच पा रहा है। इस तनावपूर्ण परिस्थिति से बाहर लाने के एक प्रयास के रूप मंे प्रस्तुत लघु शोध कार्य पूर्ण किया गया है। शोध हेतु चयनित अध्ययन का प्रमुख उद्देश्य खिलाड़ियों के सांवेगिक परिपक्वता एवं मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यायाम का एक अध्ययन करना है। इसके लिए शोध की प्रमुख परिकल्पना जनपद मथुरा के ग्रामीण एवं शहरी खिलाड़ियों की योग एवं यौगिक क्रियाओं के मध्य कोई सार्थक अन्तर नहीं है। बनायी गयी। इस शोध कार्य में शोध समस्या की प्रकृति को देखते हुए वर्णानात्मक शोध विधि की सर्वेक्षण विधि का प्रयोग किया गया। इस शोध कार्य हेतु उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के समस्त ग्रामीण एवं शहरी खिलाड़ियों को चयन सरल यादृच्छिक विधि से करते हुए 200 प्रशिक्षुओं को सम्मिलित किया गया। आँकड़ों का संकलन हेतु योग एवं यौगिक क्रियाओं मापनी का प्रयोग करते हुए किया गया। सांख्यिकीय प्रविधियों मंे प्रमुखतः मध्यमान, मानक विचलन, मानक त्रुटि एवं ज.अनुपात की गणना की गयी। तदुपरान्त पाया गया कि मथुरा जिले के ग्रामीण एवं शहरी खिलाड़ियों की योग एवं यौगिक क्रियाओं लगभग समान है। अतः निष्कर्ष रूप में प्राप्त हुआ कि जनपद मथुरा के ग्रामीण एवं शहरी योग खिलाड़ियों की योग एवं यौगिक क्रियाओं पर प्रभाव पड़ता है।



