कृषि क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक एवं आर्थिक स्थितिः राजस्थान के टोंक जिले के सन्दर्भ में
DOI:
https://doi.org/10.1366/vq2mm129Abstract
भारतीय अर्थव्यवस्था के कृषि क्षेत्र की प्रगति एवं विकास मेंमहिलाओं के उल्लेखनीय योगदान को अनदेखा नहीं किया जा सकता है। ग्रामीण अर्थव्यवस्थाएवंकृषि क्षेत्र मेंविकास कार्य को आगे बढ़ाने में ग्रामीण महिलाओं की न केवल महत्वपूर्ण भूमिका है,अपितु वे स्थायी विकास के लिए अवश्यक रूपांतरकारी आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिकबदलावों को अंजाम देने में नेतृत्वकारी की भूमिका मेंउभर कर आई हैं।सम्पूर्ण भारत में खेती-बाड़ी के कामों मेंमहिलाओंकी व्यापक भागीदारी को देखते हुए कृषिक्षेत्र मेंमहिलाओं का सषक्तिकरण न सिर्फ व्यक्तिगत, पारिवारिक और ग्रामीणसमुदायों की खुशहाली के लिए जरूरी है बल्कि इससे कहीं अधिक व्यापक ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं आर्थिक उत्पादकता के लिए, वर्तमान समय की आर्थिक अवश्यकता है।यह शोध पत्र राजस्थान के टोंक जिले में कृषि क्षेत्र में कार्यरत ग्रामीण महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर केंद्रित है। यह अध्ययन महिलाओं की कृषि में भागीदारी, उनकी भूमिका, और उनके सामाजिक-आर्थिक योगदान के साथ उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर प्रकाश डालता है। इस अध्ययन का उद्देश्य महिलाओं की स्थिति का व्यापक विश्लेषण और उनके सशक्तिकरण के लिए सिफारिशें प्रदान करना है।



