”ऐतिहासिक संग्रह के रूप में साहित्य: अमीर खुसरो कृत नुह-सिपेहर के विशेष सन्दर्भ में“
DOI:
https://doi.org/10.1366/cq7wkk22Abstract
इतिहास के फैलते हुए क्षेत्र में जहाँ इसका महत्त्व बढ़ रहा है वहाँ समय अनुसार इसकी प्रवृत्तियों में भी बदलाव आ रहे हैं। कुछ दशक पहले तक जहाँ राजनीतिक इतिहास पर अधिक ध्यान दिया जाता था, वही अब सामाजिक-आर्थिक इतिहास पर भी ध्यान दिया जाने लगा है। यह बताना भी महत्त्वपूर्ण है कि इतिहास और साहित्य का पुराना और घनिष्ठ सम्बन्ध है। साहित्य एक ऐसा तरीका है जिससे हम इतिहास का संचार कर सकते हैं। इतिहास कविताओं और उपन्यासों में भी मौजूद है। इस सन्दर्भ में देखें तो मध्ययुगीन प्रसिद्ध कवि अमीर खुसरो का साहित्यिक योगदान अमूल्य है। अमीर खुसरो ने पद्य शैली में बहुत सी कविताएँ लिखी थी। अमीर खुसरो द्वारा रचित साहित्य में ऐतिहासिक सूचनाएँ भी प्राप्त होती हैं। विशेषकर उसके द्वारा रचित मसनवी नुह-सिपेहर में मध्यकालीन भारत के सामाजिक-सांस्कृतिक, बौद्धिक और आर्थिक इतिहास से जुड़ी महत्त्वपूर्ण सूचनाएँ प्राप्त होती हैं। इस साहित्यिक रचना में अमीर खुसरो ने हिन्दुस्तान की जमकर प्रशंसा की है और हिन्दुस्तान के बौद्धिक योगदान को विस्तृत रूप से दर्शाया है।



