वर्तमान शिक्षा में उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की सामाजिक समरसता में भूमिका का एक अध्ययन

Authors

  • रामनिवास मेघवाल, डॉ. पवन कुमार, Author

DOI:

https://doi.org/10.1366/rphdqe94

Abstract

उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थी भविष्य के नागरिक हैं। यदि वे सामाजिक समरसता के मूल्यों को आत्मसात करते हैं, तो वे एक न्यायपूर्ण, समावेशी और शांतिपूर्ण समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) और स्काउट एंड गाइड जैसी पहलें विद्यार्थियों को सामुदायिक सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करती हैं। इन गतिविधियों में भाग लेने से विद्यार्थियों को समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ जुड़ने और उनकी समस्याओं को समझने का मौका मिलता है, जिससे उनके मन में दूसरों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना विकसित होती है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली में अभी भी सैद्धांतिक ज्ञान पर अधिक जोर दिया जाता है, जबकि सामाजिक और भावनात्मक विकास के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान नहीं किए जाते हैं। सामाजिक विज्ञान के विषयों को अक्सर अलग-अलग खंडों में पढ़ाया जाता है, जिससे विद्यार्थियों को विभिन्न सामाजिक पहलुओं के बीच अंतरसंबंध स्थापित करने में कठिनाई होती है।  शिक्षकों को सामाजिक समरसता के मूल्यों को प्रभावी ढंग से संप्रेषित करने और कक्षा में समावेशी वातावरण बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता है। वर्तमान मूल्यांकन प्रणाली मुख्य रूप से अकादमिक प्रदर्शन पर केंद्रित है, जबकि सामाजिक और भावनात्मक विकास को मापने के लिए पर्याप्त प्रावधान नहीं हैं। विद्यार्थियों पर परिवार, समुदाय और मीडिया जैसे बाहरी कारकों का भी प्रभाव पड़ता है, जो कभी-कभी सामाजिक समरसता के विपरीत मूल्यों को बढ़ावा दे सकते हैं।

Published

2006-2025

Issue

Section

Articles

How to Cite

वर्तमान शिक्षा में उच्च माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों की सामाजिक समरसता में भूमिका का एक अध्ययन. (2025). Leadership, Education, Personality: An Interdisciplinary Journal, ISSN: 2524-6178, 18(10), 686-692. https://doi.org/10.1366/rphdqe94