वर्तमान उच्च माध्यमिक कक्षा के ललित कला संकाय एवं अन्य संकाय के विद्यार्थियों की सामाजिक समरसता में योगदान का अध्ययन

Authors

  • डॉ. पवन कुमार रामनिवास मेघवाल, Author

DOI:

https://doi.org/10.1366/ghz97402

Abstract

शिक्षा, मानव जीवन के विकास का एक आधार स्तंभ है। यह न केवल ज्ञान प्राप्त करने का माध्यम है, बल्कि यह व्यक्ति के चरित्र, दृष्टिकोण और भविष्य की दिशा को भी निर्धारित करती है। विशेष रूप से छात्रों के जीवन में शिक्षा एक अत्यंत महत्वपूर्ण चरण है, जो उनके वर्तमान और भविष्य दोनों को गहराई से प्रभावित करता है। यह वह नींव है जिस पर उनके सपनों और आकांक्षाओं की इमारत खड़ी होती है। छात्र जीवन, ज्ञानार्जन का स्वर्णिम काल होता है। इस अवस्था में ग्रहण की गई शिक्षा, व्यक्ति के मस्तिष्क को नई दिशाएं देती है और सोचने-समझने की क्षमता का विकास करती है। विद्यालय और अन्य शैक्षणिक संस्थान, छात्रों को विभिन्न विषयों का ज्ञान प्रदान करते हैं, जिससे उनकी बौद्धिक क्षमता का विस्तार होता है। विज्ञान, गणित, इतिहास, साहित्य और कला जैसे विषयों का अध्ययन न केवल उन्हें दुनिया को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है, बल्कि उनकी जिज्ञासा और रचनात्मकता को भी बढ़ावा देता है। शिक्षा छात्रों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक ही सीमित नहीं रखती, बल्कि यह उन्हें व्यावहारिक कौशल भी सिखाती है। टीम वर्क, समस्या-समाधान, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता जैसे गुण शिक्षा के माध्यम से ही विकसित होते हैं। ये कौशल छात्रों को भविष्य में किसी भी कार्यक्षेत्र में सफल होने के लिए आवश्यक होते हैं। एक सुशिक्षित छात्र, आत्मविश्वास से भरा होता है और वह किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहता है।

Published

2006-2025

Issue

Section

Articles

How to Cite

वर्तमान उच्च माध्यमिक कक्षा के ललित कला संकाय एवं अन्य संकाय के विद्यार्थियों की सामाजिक समरसता में योगदान का अध्ययन. (2025). Leadership, Education, Personality: An Interdisciplinary Journal, ISSN: 2524-6178, 18(12), 2005-2011. https://doi.org/10.1366/ghz97402