हरियाणा के हिसार जिले में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के किशोरावस्था के विद्यार्थियों की समस्याओं का अध्ययन

Authors

  • Dr. Rajesh Kumar Author

DOI:

https://doi.org/10.1366/9sj9tc79

Abstract

'शिक्षा का एकमात्र उद्देश्य शिक्षार्थी के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास करना है। हमारी जीवन लीला गर्भाधान के समय से ही प्रारंभ हो जाती है। कितनी विचित्र सी बात लगती है कि एक छोटे से निषेचित अंडे से छोटे-छोटे बढ़ते, हम आज की अवस्था को प्राप्त कर पाए हैं। निश्चय ही यह सब यौनानुक्रम और वातावरण संबंधी शक्तियों के परस्पर सहयोग का फल है। शिक्षा चाहे औपचारिक हो या अनौपचारिक, इस वृद्धि और विकास के मार्ग में बच्चे का भली-भांति पथप्रदर्शन कर सकती है। इसी दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए हम आगामी पंक्तियों में वृद्धि और विकास के सभी पहलुओं का वर्णन करेंगे।

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2006-2025

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हरियाणा के हिसार जिले में वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के किशोरावस्था के विद्यार्थियों की समस्याओं का अध्ययन. (2025). Leadership, Education, Personality: An Interdisciplinary Journal, ISSN: 2524-6178, 18(6), 525-530. https://doi.org/10.1366/9sj9tc79