पूर्वोत्तर भारत में बौद्धों के स्थिति का अध्ययन : सिक्किम के विशेष सन्दर्भ में

Authors

  • डॉ. गोविन्द शर्मा Author

DOI:

https://doi.org/10.1366/nwbbt983

Abstract

बौद्ध धर्म विश्व के प्राचीनतम धर्मों में से एक है, जिसके प्रवर्तक गौतम बुद्ध थे। उनका जीवन सत्य की खोज और दुःख से मुक्ति के प्रयासों का प्रतीक है। चार दृष्टांतों (वृद्ध, रोगी, शव और संन्यासी) को देखकर उन्होंने संसार के दुखों का यथार्थ जाना और तपस्या, ध्यान व अंततः मध्यम मार्ग अपनाकर बोधि प्राप्त की। सारनाथ में उन्होंने प्रथम उपदेश दिया, जिससे बौद्ध धर्म का प्रचार प्रारंभ हुआ। बुद्ध के उपदेशों में सम्यक ज्ञान, करुणा, मैत्री और भेदभावहीन समाज की स्थापना का लक्ष्य रहा।

हिंदू धर्म में बुद्ध को विष्णु के अवतार के रूप में देखा गया है, जबकि बौद्ध मत में उन्हें केवल सत्य का उपदेशक माना गया है। वैदिक कर्मकांडों की जटिलता से त्रस्त लोगों ने बौद्ध धर्म के सरल, हिंसारहित और मध्यम मार्ग को अपनाया। पूर्वोत्तर भारत विशेषकर सिक्किम और अरुणाचल में बौद्ध धर्म का प्रभाव रहा है। सिक्किम के प्रमुख मठों जैसे पेमायंगसे, फोदंग, रूमटेक, ताशीदिंग आदि से बौद्ध धर्म का व्यापक प्रचार हुआ।

Published

2006-2025

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Articles

How to Cite

पूर्वोत्तर भारत में बौद्धों के स्थिति का अध्ययन : सिक्किम के विशेष सन्दर्भ में. (2025). Leadership, Education, Personality: An Interdisciplinary Journal, ISSN: 2524-6178, 18(8), 76-81. https://doi.org/10.1366/nwbbt983