यांत्रिकी अनुवाद : व्यवहार एवं सीमाएँ
DOI:
https://doi.org/10.1366/e5wegk71Abstract
मानव 'भाषा' के माध्यम से संप्रेषण करता है और सूचना का संग्रहण मानव करता है। सामान्यतः अनुवाद से अभिप्राय एक भाषायी संरचना के प्रतीकों द्वारा संप्रेष्य अर्थ को दूसरी भाषा की संरचना के प्रतीकों में परिवर्तित करने से लिया जाता है। यह कार्य धीरे-धीरे कंप्यूटर को सौंपा जा रहा है। भाषा के भीतर मौजूद संगणकीय संरचना के आधार पर 'संगणकीय भाषाविज्ञान' की परिकल्पना की गई है। संगणकीय भाषाविज्ञान का उद्देश्य भाषा के इस अनंत संप्रेषण में ही सन्निहित है। इसके लिए यह आवश्यक है कि संगणक में यह क्षमता विकसित की जाए कि वह इस अनंत भाषा को सृजित करने व मानव की सरल भाषा में निहित अनंत कार्यात्मक क्षमता को पकड़ने में सफल हो। जब कंप्यूटर में यह क्षमता विकसित हो जाएगी, तब बड़ी आसानी से कंप्यूटर की सहायता से एक भाषा से दूसरी भाषा में भाषायी अनुवाद तथा मानवीय भाषा की अनंत जानकारी को प्रस्तुत करने में सफलता प्राप्त हो सकेगी।



