महर्षि वेदव्यास के अनुसार मनुष्यों के लिए आचार धर्म : यक्ष-युधिष्ठिर वार्ता के परिप्रेक्ष्य में

Authors

  • डॉ. श्याम कुमार झा Author

DOI:

https://doi.org/10.1366/5tehk688

Abstract

महर्षि वेदव्यास द्वारा रचित महाभारत में आचार - विचार के साथ-साथ मनुष्यों के कर्तव्यों के बारे में विस्तृत वर्णन प्रस्तुत किया गया है। महाभारत के तीन नाम हैं- जय,भारत और महाभारत। इसे भारतीय संस्कृति का ज्ञानकोष भी कहा जाता है। महाभारत में लगभग एक लाख श्लोक हैं। इन श्लोकों में विभिन्न कथा-आख्यानों के माध्यम से जीवन में ग्रहणीय और करणीय कार्यों पर प्रकाश डाला गया है। उन्हीं में से एक महत्तवपूर्ण ज्ञानप्रद प्रसङ्ग है - यक्ष-युधिष्ठिर वार्ता।

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2006-2025

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महर्षि वेदव्यास के अनुसार मनुष्यों के लिए आचार धर्म : यक्ष-युधिष्ठिर वार्ता के परिप्रेक्ष्य में. (2025). Leadership, Education, Personality: An Interdisciplinary Journal, ISSN: 2524-6178, 15(12), 117-129. https://doi.org/10.1366/5tehk688