सांगीतिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन में भारत सरकार की भूमिका

Authors

  • डाॅ0 अम्बिका कश्यप Author

DOI:

https://doi.org/10.1366/aw4ph882

Abstract

  

भारतीय संगीत एक ऐसी विशिष्ट कला है जो प्राचीन काल से ही मानव को संास्कृतिक परम्पराओं एवं पुरातन कलाओं के साथ जोड़ता आ रहा है। यद्यपि कला का आरम्भ व्यक्ति के भावों को प्रकट करने की अभिलाषा के साथ ही होता है तथा संगीत उसका सर्वोत्तम माध्यम है। इसीलिये संगीत को अन्य ललितकलाओं में सर्वश्रेष्ठ माना जाता रहा है, जो मानव समाज के लिए अमूल्य निधि है। कोई भी कला क्यों न हो समाज से अलग उसका कोई अस्तित्व नहीं होता। किसी भी जनसमाज की कला उसकी मानसिकता से निर्धारित होती   है। समाज की राजनैतिक व आर्थिक परिस्थितियां सदैव एक सी नहीं रहती। वह मानव अस्तित्व के व्यापक संघर्ष और मानवीय श्रम के परिणाम स्वरूप बदलतीरहती है और निरंतर नये युगों का निर्माण करती रहती हैं। भारत वर्ष की संगीत कला भी सदैव परिवर्तनशील रही है। इसी बदलाव के कारण समाज में संगीतकला के व्यापक प्रचार-प्रसार की आवश्यकता भी सदैव बनी रही है। 

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Published

2006-2026

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Articles

How to Cite

सांगीतिक एवं सांस्कृतिक संरक्षण और संवर्धन में भारत सरकार की भूमिका. (2026). Leadership, Education, Personality: An Interdisciplinary Journal, ISSN: 2524-6178, 19(4), 105-111. https://doi.org/10.1366/aw4ph882